धनात्मक और ऋणात्मक संख्याओं को पढ़ाने के लिए संख्या रेखा और 'कल्पना करना यदि' ...की अभिव्यक्ति का उपयोग करना।

यह इकाई किस बारे में है

इस इकाई में आप वे उपाय देखेंगे जिनके तहत आप विद्यार्थियों को संख्याओं का अर्थ और यह जानने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं कि ‘ऋणात्मक संख्याओं’ की अवधारणा क्यों विकसित की गई थी।

विद्यार्थी सबसे पहले ऋण चिह्न को तब देखते हैं जब उसका उपयोग अंकों को घटाने के लिए किया जाता है; इसलिए, ऋणात्मक संख्याओं में उसके उपयोग का ध्यान पूर्वक परिचय कराना होगा। यह समझाने से कि यह चिह्न अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता है और यह पता लगाने से कि ऋणात्मक संख्याओं के लिए इसका उपयोग क्यों किया जाता है, आपके विद्यार्थियों को इस चिह्न के उपयोग की समानताएं और अंतरों को समझने और पहचानने में मदद मिलेगी।

इस इकाई की गतिविधियों के माध्यम से आप एक संख्या रेखा के उपयोग को विकसित करने के बारे में भी सोचेंगे ताकि आपके विद्यार्थी धनात्मक और ऋणात्मक अंकों के द्वारा दर्शाए गए परिवर्तनों को समझ सकें। दरअसल उन परिवर्तनों को खुद करने से विद्यार्थियों को यह भी समझने में आगे मदद मिलेगी कि ‘धनात्मक’ और ‘ऋणात्मक’ का अर्थ क्या होता है। गणित पढ़ाते समय कल्पना को पंख देने के लिए ‘कल्पना करें यदि …’ कहने का महत्व भी समझाया गया है।

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आप इस इकाई में क्या सीख सकते हैं