संसाधन 4: समूहकार्य का उपयोग करना

समूहकार्य एक व्यवस्थित, सक्रिय, अध्यापन कार्यनीति है जो विद्यार्थियों के छोटे समूहों को एक आम लक्ष्य की प्राप्त के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है। ये छोटे समूह संरचित गतिविधियों के माध्यम से अधिक सक्रिय और अधिक प्रभावी सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं।

समूह में कार्य करना

समूह कार्य आपके विद्यार्थियों को सोचने, संवाद कायम करने, समझने और विचारों के आदान–प्रदान करने तथा निर्णय लेने के लिये प्रेरित करने का बहुत ही प्रभावी तरीका हो सकता है। आपके विद्यार्थी दूसरों को सिखा भी सकते हैं और उनसे सीख भी सकते हैं। यह सीखने का एक सशक्त और सक्रिय तरीका है।

समूहकार्य में विद्यार्थियों का समूहों में बैठना ही अधिक नहीं होता है; इसमें स्पष्ट उद्देश्य के साथ सीखने को साझा करने के कार्य को करना और उसमें योगदान करना शामिल होता है। आपको इस बात को लेकर स्पष्ट होना होगा कि आप सीखने के लिए समूहकार्य का उपयोग क्यों कर रहे हैं? और जानना होगा कि यह भाषण देने, जोड़ी में कार्य या विद्यार्थियों के स्वयं अपने बलबूते पर कार्य करने के ऊपर तरजीह देने योग्य क्यों है? इस तरह समूहकार्य को सुनियोजित और प्रयोजनपूर्ण होना चाहिए।

समूहकार्य को नियोजित करना

आप समूहकार्य का उपयोग कब और कैसे करेंगे यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अध्याय के अंत तक आप कौन सी सीखने की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं? समूहकार्य को आप अध्ययन के आरंभ से अंत या उसके बीच में शामिल कर सकते हैं, लेकिन आपको पर्याप्त समय का प्रावधान करना होगा। आपको उस काम के बारे में जो आप अपने विद्यार्थियों से पूरा करवाना चाहते हैं और समूहों को संगठित करने के सर्वोत्तम तरीके के बारे में सोचना होगा।

एक शिक्षक के रूप में आप निम्न बातों को अपनी योजना में सम्मिलित कर समूहकार्य को सुनिश्चित कर सकते हैं –

  • सामूहिक गतिविधि के लक्ष्य और अपेक्षित परिणाम
  • गतिविधि के लिए आबंटित समय, जिसमें फीडबैक या सारांश कार्य शामिल है
  • समूहों को कैसे बाँटें? (कितने समूह, प्रत्येक समूह में कितने विद्यार्थी, समूहों के लिए मापदंड)
  • समूहों को कैसे संगठित करें? (समूह के विभिन्न सदस्यों की भूमिका, आवश्यक समय, सामग्रियाँ, रिकार्ड करना और रिपोर्ट करना)
  • कोई भी आकलन कैसे किया तथा रिकार्ड किया जाएगा? (व्यक्तिगत आकलनों को सामूहिक आकलनों से अलग पहचानने का ध्यान रखें)
  • समूहों की गतिविधियों पर आप कैसे निगरानी रखेंगे?

समूहकार्य के काम

वह काम जो आप अपने विद्यार्थियों को पूरा करने को कहते हैं वह इस पर निर्भर होता है कि आप उन्हें क्या सिखाना चाहते हैं? समूहकार्य में भाग लेकर, वे एक-दूसरे को सुनने, अपने विचारों को समझाने और आपसी सहयोग से काम करने जैसे कौशल सीखेंगे। परन्तु उनका मुख्य लख्य उस विषय को सीखना है, जिसे आप पढ़ा रहें हैं। कार्यों के कुछ उदाहरणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं–

  • प्रस्तुतिकरण: विद्यार्थी समूहों में काम करके शेष कक्षा के लिए प्रस्तुतिकरण तैयार कर सकते हैं। यह तब सबसे बढ़िया काम करता है जब प्रत्येक समूह के पास विषय का अलग अलग पहलू होता है, ताकि उन्हें एक ही विषय को कई बार सुनने की बजाय एक दूसरे की बात सुनने के लिए प्रेरित किया जा सके। प्रस्तुतिकरण करने के लिए प्रत्येक समूह को दिए गए समय के बारे में काफी सख्ती बरतें और अच्छे प्रस्तुतिकरण के लिए मानकों को तय करें। इन्हें शिक्षण से पहले बोर्ड पर लिखें। विद्यार्थी मानकों का उपयोग अपने प्रस्तुतिकरण की योजना बनाने और एक दूसरे के काम का आकलन करने के लिए कर सकते हैं। मानकों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं–
    • क्या प्रस्तुतिकरण स्पष्ट था?
    • क्या प्रस्तुतिकरण संरचित था?
    • क्या प्रस्तुतिकरण से मैंने कुछ सीखा?
    • क्या प्रस्तुतिकरण ने मुझे सोचने पर मजबूर किया?
  • समस्या का हल करना: विद्यार्थी किसी समस्या या समस्याओं की श्रृंखला को हल करने के लिए समूहों में काम करते हैं। इसमें विज्ञान में प्रयोग करना, गणित में समस्याओं को हल करना, अंग्रेजी में किसी कहानी या कविता का विश्लेषण करना, तथा इतिहास में प्रमाण का विश्लेषण करना आदि शामिल हो सकता है।
  • किसी शिल्पकृति या उत्पाद का सृजन करना: विद्यार्थी किसी कहानी, नाटक के अंश, संगीत के अंश, किसी अवधारणा को समझाने के लिए मॉडल, किसी मुद्दे पर समाचार रिपोर्ट या जानकारी का सारांश बनाने या किसी अवधारणा को समझाने के लिए पोस्टर को विकसित करने के लिए समूहों में काम करते हैं। नए विषय के आरंभ में विचारमंथन या दिमागी नक्शा बनाने के लिए समूहों को पाँच मिनट देकर आप इस बारे में बहुत कुछ जान सकेंगे कि उन्हें पहले से क्या पता है? इससे अध्याय को उपयुक्त स्तर पर स्थापित करने में आपको मदद मिलेगी।

  • विभेदित काम: समूहकार्य अलग अलग आयु या दक्षता स्तरों वाले विद्यार्थियों को किसी उपयुक्त काम पर मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करता है। उच्चतर दक्षता वालों को काम को स्पष्ट करने के अवसर से लाभ मिल सकता है, जबकि कम दक्षता वाले विद्यार्थियों को कक्षा की बजाय समूह में प्रश्न पूछना अधिक आसान लग सकता है, तथा वे अपने सहपाठियों से सीखेंगे।
  • बात–चीत: विद्यार्थी किसी मुद्दे पर विचार करते हैं और एक निष्कर्ष पर पहुँचते हैं। इसके लिए आपकी ओर से काफी तैयारी की जरूरत पड़ सकती है ताकि सुनिश्चित हो कि विद्यार्थियों के पास विभिन्न विकल्पों पर विचार करने के लिए पर्याप्त ज्ञान है, लेकिन किसी बात–चीत या वाद-विवाद को आयोजित करना आप और उन, दोनों के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है।

समूहों को संगठित करना

चार या आठ के समूह आदर्श होते हैं लेकिन यह आपकी कक्षा के आकार, भौतिक पर्यावरण फर्नीचर, तथा आपकी कक्षा की दक्षता और आयु के दायरे पर निर्भर करेगा। आदर्श रूप से समूह में हर एक को एक दूसरे से मिलने, बिना चिल्लाए बातचीत करने और समूह के परिणाम में योगदान करना चाहिए।

  • यह तय करें कि आप विद्यार्थियों को कैसे? और क्यों? समूहों में विभाजित करेंगे। उदाहरण के लिए, आप समूहों को मित्रता, रुचि या मिश्रित दक्षता के अनुसार विभाजित कर सकते हैं। अलग अलग तरीकों से प्रयोग करें तथा समीक्षा करें कि प्रत्येक कक्षा के लिए क्या सर्वोत्तम ढंग काम करता है
  • इस बात की योजना बनाएं कि समूह के सदस्यों को आप क्या भूमिकाएं देंगे? (उदाहरण के लिए, नोट्स लेने वाला, प्रवक्ता, टाइम कीपर या उपकरण का संग्रहकर्ता), और कि इसे कैसे स्पष्ट करेंगे

समूहकार्य का प्रबंधन करना

अच्छे समूहकार्य को प्रबंधित करने के लिए आप दैनिक कार्य और नियम निर्धारित कर सकते हैं। जब आप समूहकार्य का नियमित रूप से उपयोग करते हैं, तब विद्यार्थियों को पता चल जाता है कि आप क्या चाहते हैं? और वे उसे आनंदमय पाएंगे। आरंभ में टीमों और समूहों में मिलकर काम करने के लाभों को पहचानने के लिए आपकी कक्षा के साथ काम करना एक अच्छा विचार होता है। आपको बात–चीत करनी चाहिए कि अच्छा समूहकार्य का व्यवहार क्या होता है? और संभव हो तो ‘नियमों’ की एक सूची बना सकते हैं जिसे प्रदर्शित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, ‘एक दूसरे के लिए सम्मान’, ‘सुनना’, ‘एक दूसरे की सहायता करना’, ‘एक विचार से अधिक को आजमाना’ आदि।

समूहकार्य के बारे में स्पष्ट मौखिक निर्देश देना महत्वपूर्ण है जिसे ब्लैकबोर्ड पर संदर्भ के लिए लिखा भी जा सकता है। आपको:

  • अपनी योजना के अनुसार अपने विद्यार्थियों को उन समूहों की ओर निर्देशित करना होगा जिनमें वे काम करेंगे। ऐसा आप शायद कक्षा में ऐसे स्थानों को निर्दिष्ट करके कर सकते हैं जहाँ वे काम करेंगे या किसी फर्नीचर या विद्यालय के बैगों को हटाने के बारे में निर्देश देकर कर सकते हैं।
  • कार्य के बारे में बहुत स्पष्ट होना और उसे बोर्ड पर लघु निर्देषों या चित्रों के रूप में लिखना चाहिए। शिक्षण कार्य शुरू करने से पहले विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने की अनुमति प्रदान करें।

अध्याय के दौरान, कमरे में घूमकर देखें और जाँचें कि समूह किस प्रकार काम कर रहे हैं? यदि वे कार्य से विचलित हो रहे हैं या अटक रहे हैं तो जहाँ जरूरत हो वहाँ सलाह प्रदान करें।

आप कार्य के दौरान समूहों को बदलना चाहते हैं। जब आप समूहकार्य के बारे में आत्मविश्वास महसूस करने लगें तब दो तकनीकें आजमाई जा सकती हैं – वे बड़ी कक्षा को प्रबंधित करते समय खास तौर पर उपयोगी होती हैं–

  • ‘विशेषज्ञ समूह’: प्रत्येक समूह को अलग अलग कार्य दें, जैसे विद्युत उत्पन्न करने के एक तरीके पर शोध करना या किसी नाटक के लिए किरदार विकसित करना। एक उपयुक्त समय के बाद, समूहों को पुनर्गठित करें ताकि हर नया समूह सभी मूल समूहों से आए एक ‘विशेषज्ञ’ से बने। फिर उन्हें ऐसा काम दें जिसमें सभी विशेषज्ञों के ज्ञान की तुलना करना शामिल हो। जैसे यह निश्चय करना कि किस तरह के पॉवर स्टेशन का निर्माण करना है या नाटक के अंश को तैयार करने का निर्णय करना।
  • ‘दूत’: यदि काम में कुछ बनाना या किसी समस्या का हल करना शामिल है, तो कुछ देर बाद, प्रत्येक समूह से किसी अन्य समूह को एक दूत भेजने के लिए भी कहें। वे विचारों या समस्या के हलों की तुलना कर सकते हैं और फिर वापस अपने समूह को सूचित कर सकते हैं। इस तरह से, समूह एक दूसरे से सीख सकते हैं।

काम के अंत में, इस बात का सारांश बनाएं कि क्या सीखा गया है? और नज़र आने वाली गलतफहमियों को सही करें। आप चाहें तो प्रत्येक समूह की प्रतिक्रिया सुन सकते हैं, या केवल एक या दो समूहों से पूछ सकते हैं जिनके पास आपको लगता है कि अच्छे विचार हैं। विद्यार्थियों की रिपोर्टिंग को संक्षिप्त रखें और उन्हें अन्य समूहों के काम पर प्रतिक्रिया देने को प्रोत्साहित करें, जिसमें उन्हें पहचानना चाहिए कि क्या अच्छी तरह से किया गया है? क्या दिलचस्प था और किसे आगे और विकसित किया जा सकता है?

यदि आप अपनी कक्षा में समूहकार्य को अपनाना चाहते हैं तो आपको कभी-कभी इसका नियोजन कठिन लग सकता है क्योंकि कुछ विद्यार्थी–

  • सक्रिय सीखने की प्रक्रिया का प्रतिरोध करते हैं और उसमें संलग्न नहीं होते
  • हावी होने लगते हैं
  • खराब अंतर्वैयक्तिक कौशलों या आत्मविश्वास के अभाव के कारण भाग नहीं लेते हैं।

समूहकार्य को प्रभावी बनने के लिए, शिक्षण के परिणाम कितनी हद तक पूरे हुए और आपके विद्यार्थियों ने कितनी अच्छी तरह से प्रतिक्रिया की (क्या वे सभी लाभान्वित हुए?) जैसी बातों पर विचार करने के अतिरिक्त, उपरोक्त सभी बिंदुओं पर विचार करना महत्वपूर्ण होता है। समूह के काम, संसाधनों, समय-सारणियों तथा समूहों की रचना में किसी भी समायोजन पर विचार करें और सावधानीपूर्वक उनकी योजना बनाएं।

शोध ने सुझाया है कि समूहों में सीखने की प्रक्रिया को हर समय ही विद्यार्थियों की उपलब्धि पर सकारात्मक प्रभावों से युक्त होना जरूरी नहीं है, इसलिए आप हर अध्याय में इसका उपयोग करने के लिए बाध्य नहीं हैं। आप चाहें तो समूहकार्य का उपयोग एक पूरक तकनीक के रूप में कर सकते हैं, उदाहरण के लिए विषय परिवर्तन के बीच अंतराल या कक्षा में बात–चीत को अकस्मात शुरु करने के साधन के रूप में कर सकते हैं। कक्षा में इसका उपयोग विवाद को हल करने या कक्षा में अनुभव आधारित शिक्षण गतिविधियाँ, और समस्या का हल करने में प्रकरण की पूर्नावृत्ति में कर सकते हैं।

संसाधन 3: विद्यार्थियों के प्रश्नों पर कार्य के तरीके

संसाधन 5: सरल अथवा अधिक जटिल छँटाई के लिये पत्तों के आकार